दरभंगा में आयोजित होगा दो दिवसीय मिथिला सैन्य समागम एवं शौर्य प्रदर्शनी-2026, गोपाल जी ठाकुर ने रक्षा मंत्री से की पहल
राजनाथ सिंह ने प्रस्ताव पर शीघ्र स्वीकृति एवं आवश्यक पहल का दिया आश्वासन
दरभंगा : मिथिला की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर नई प्रतिष्ठा दिलाने तथा भारतीय सशस्त्र बलों के शौर्य, पराक्रम और योगदान से आम लोगों को परिचित कराने की दिशा में पहल शुरू हो गई है। दरभंगा में दो दिवसीय ‘मिथिला सैन्य समागम सह शौर्य प्रदर्शनी-2026’ आयोजित कराने का प्रस्ताव दिया गया है। स्थानीय सांसद एवं लोकसभा में भाजपा सचेतक डॉ. गोपाल जी ठाकुर ने बुधवार को नई दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात कर इस संबंध में प्रस्ताव सौंपा।
सांसद डॉ. ठाकुर ने बताया कि रक्षा मंत्री ने प्रस्ताव पर शीघ्र स्वीकृति देने तथा आयोजन के लिए आवश्यक पहल करने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित आयोजन का उद्देश्य सैनिकों के सम्मान, पूर्व सैनिकों के कल्याण, युवाओं के मार्गदर्शन और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति जागरूकता को एक मंच पर लाना है।
पूर्व सैनिकों की समस्याओं के समाधान पर रहेगा जोर
डॉ. ठाकुर ने कहा कि दरभंगा उत्तर बिहार का प्रमुख शैक्षणिक, स्वास्थ्य एवं प्रशासनिक केंद्र है। मिथिला और उत्तर बिहार के बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक, उनके परिजन तथा आश्रित विभिन्न प्रशासनिक समस्याओं का सामना करते हैं। पेंशन, पारिवारिक पेंशन, चिकित्सा सुविधाओं, सेवा-अभिलेखों में सुधार और अन्य कल्याणकारी विषयों के समाधान के लिए इस तरह का समागम प्रभावी मंच बन सकता है।
उन्होंने रक्षा मंत्रालय, भारतीय थल सेना, वायुसेना तथा पूर्व सैनिक कल्याण विभाग के समन्वय से कार्यक्रम आयोजित कराने की संभावनाओं पर विचार करने का आग्रह किया है, ताकि पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को संबंधित विभागों के समक्ष अपनी समस्याएं रखने का अवसर मिल सके।
सैन्य उपकरणों और आधुनिक रक्षा तकनीक की लगेगी प्रदर्शनी
प्रस्तावित शौर्य प्रदर्शनी में भारतीय थल सेना एवं वायुसेना की सहभागिता से सैन्य उपकरणों के मॉडल, आधुनिक रक्षा तकनीक, संचार एवं निगरानी प्रणालियों, सैन्य इतिहास और राष्ट्रीय सुरक्षा में सशस्त्र बलों की भूमिका से संबंधित प्रदर्शनियों की परिकल्पना की गई है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों, युवाओं, शिक्षण संस्थानों और आम नागरिकों को देश की सीमाओं की सुरक्षा में भारतीय सैनिकों के योगदान तथा रक्षा क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों को समझने का अवसर मिलेगा।
युवाओं को सेना और अग्निवीर में करियर की मिलेगी जानकारी
सांसद ने कहा कि मिथिला के युवाओं में प्रतिभा, परिश्रम और राष्ट्रसेवा की भावना की कमी नहीं है। ऐसे में प्रस्तावित समागम के दौरान विशेष युवा संवाद सत्र आयोजित करने का भी आग्रह किया गया है। इससे युवाओं को भारतीय थल सेना, वायुसेना, अग्निवीर योजना और अन्य रक्षा सेवाओं में उपलब्ध करियर अवसरों की जानकारी मिल सकेगी। साथ ही उनमें अनुशासन, देशभक्ति और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी का भाव मजबूत होगा।
डॉ. ठाकुर ने कहा कि ‘मिथिला सैन्य समागम सह शौर्य प्रदर्शनी’ केवल एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि सैनिक सम्मान, पूर्व सैनिक कल्याण, युवा सशक्तीकरण और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देने वाला महत्वपूर्ण आयोजन साबित हो सकता है।
उन्होंने विश्वास जताया कि इस पहल से मिथिला को राष्ट्रीय गौरव से जुड़े आयोजनों के मानचित्र पर नई पहचान मिलेगी और क्षेत्र के युवाओं को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करने के साथ-साथ पूर्व सैनिकों की समस्याओं के समाधान की दिशा में भी सार्थक प्रयास हो सकेगा।
