ईंट भट्ठा उद्योग को स्थानीय रोजगार से जोड़ने की पहल, संचालकों की समस्याओं के समाधान के लिए विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों को भेजे गए पत्र
दरभंगा : मिथिला क्षेत्र में ईंट भट्ठा उद्योग ग्रामीण अर्थव्यवस्था, स्थानीय रोजगार, आवास निर्माण और सरकारी राजस्व का महत्वपूर्ण आधार है। इस उद्योग के समक्ष आ रही चुनौतियों के समाधान और ईंट भट्ठा संचालकों को राहत दिलाने के उद्देश्य से केंद्र एवं बिहार सरकार के स्तर पर पहल की जा रही है। यह जानकारी दरभंगा के सांसद एवं लोकसभा में भाजपा के सचेतक डॉ. गोपाल जी ठाकुर ने शनिवार को लहेरियासराय स्थित अपने संसदीय कार्यालय में जिले के ईंट भट्ठा संचालकों के साथ आयोजित बैठक में दी।
सांसद डॉ. ठाकुर ने कहा कि ईंट भट्ठा संचालक संघ की ओर से पूर्व में सौंपे गए मांग पत्रों के आधार पर विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित मंत्रालयों से पहल करने का आग्रह किया गया है। उन्होंने बताया कि ब्रिक्स क्लस्टर के भौगोलिक दायरे का विस्तार करने के लिए भारत सरकार के ऊर्जा मंत्रालय को पत्र लिखा गया है।
इसके अतिरिक्त, दरभंगा जिले में ईंट उद्योग के लिए सरकारी सहायता से कॉमन फैसिलिटी सेंटर स्थापित करने के लिए केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय से पहल का आग्रह किया गया है। जीएसटी में विशेष राहत एवं छूट तथा सस्ता और सुलभ ऋण उपलब्ध कराने के लिए वित्त मंत्रालय, पर्यावरणीय स्वीकृति प्रक्रिया से संबंधित राहत के लिए पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय तथा मिट्टी खनन और नियामकीय प्रक्रियाओं में व्यावहारिक राहत के लिए खान मंत्रालय को भी पत्र भेजे गए हैं।
सांसद ने कहा कि ईंट भट्ठा उद्योग को बढ़ती उत्पादन लागत, वित्तीय कठिनाइयों, बाढ़, जलजमाव, मौसमी बेरोजगारी और विभिन्न सरकारी प्रक्रियाओं के कारण कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। इन समस्याओं का व्यावहारिक समाधान निकालना आवश्यक है, ताकि उद्योग को सुचारु रूप से संचालित किया जा सके।
उन्होंने कहा कि ईंट भट्ठा उद्योग ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन और निर्माण कार्यों से सीधे जुड़ा हुआ है। इस क्षेत्र को प्रोत्साहन देने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। उन्होंने संचालकों की समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक पहल जारी रखने की बात कही।
बैठक में दरभंगा जिला ईंट भट्ठा संचालक संघ के अध्यक्ष जयराम दास, उपाध्यक्ष रजनीश रंजन, सचिव प्रो. एम.ए. निशांत, एजाज हसन, संजय यादव, अशोक ठाकुर सहित दो दर्जन से अधिक ईंट भट्ठा संचालक उपस्थित थे।
